
पाकिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan को रावलपिंडी की Adiala Jail से इस्लामाबाद की जेल में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। देश के गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य संबंधी आरोपों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
स्वास्थ्य को लेकर गंभीर आरोप
इमरान खान के परिवार और बहनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनके वकील Salman Safdar ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट सौंपते हुए दावा किया कि उनकी दाईं आंख की रोशनी 85% तक प्रभावित हो चुकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में आंख में ब्लड क्लॉट बनने और समय पर इलाज न मिलने के कारण स्थिति बिगड़ी। आरोप है कि उन्हें अंधेरी कोठरी में रखा गया, जहां साफ-सफाई और चिकित्सा सुविधाओं की कमी है।
कोर्ट की सख्ती
मामला जब Supreme Court of Pakistan पहुंचा तो अदालत ने एक वकील को जांच के लिए नियुक्त किया। मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी की बेंच ने मेडिकल टेस्ट कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। साथ ही, इमरान खान को अपने बच्चों से बात करने की अनुमति देने का निर्देश भी दिया गया।
सरकार का जवाब
प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार Rana Sanaullah ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इमरान खान को उनकी पसंद के विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच की अनुमति दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है और संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

हेल्थ बनाम पॉलिटिक्स?
इमरान खान की सेहत अब पाकिस्तान की सियासत का केंद्र बन चुकी है। एक ओर समर्थक इसे मानवाधिकार का मामला बता रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार इसे राजनीतिक एजेंडा कह रही है।
जेल ट्रांसफर का फैसला आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति को और गरमा सकता है।
पाकिस्तान की राजनीति में अक्सर कोर्ट, जेल और बयानबाज़ी साथ-साथ चलते हैं। फर्क बस इतना है कि इस बार “हेल्थ रिपोर्ट” भी हेडलाइन बन गई है।
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